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नई दिल्ली में शुरू हुआ चौथा मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार से किसानों की आय बढ़ाने की मिसाल बना मेघालय
फ्लिपकार्ट और नेएमएल के साथ समझौते, किसानों की सफलता की कहानियां और मूल्य संवर्धन के जरिए अनानास की कीमत में 70 गुना तक वृद्धि ने मेघालय के कृषि मॉडल को राष्ट्रीय पहचान दिलाई
नई दिल्ली: देश के सबसे स्वादिष्ट और प्रीमियम गुणवत्ता वाले अनानास की पहचान बन चुका मेघालय, राष्ट्रीय राजधानी में चर्चा का केंद्र रहा, जब नई दिल्ली के दिल्ली हाट में चौथे मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव अब केवल अनानास का उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि किसानों को देश-विदेश के बड़े बाजारों, संगठित रिटेल, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों से जोड़ने का मेघालय सरकार का प्रमुख मंच बन चुका है।
महोत्सव का उद्घाटन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) एवं संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के उद्योग प्रतिनिधि, रिटेल कंपनियां, निर्यातक, उद्यमी, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मेघालय सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव मेघालय के उन प्रीमियम अनानासों को समर्पित है, जो अपनी प्राकृतिक मिठास, बेहतरीन सुगंध, कम अम्लता और 16 से 18 ब्रिक्स तक की मिठास के लिए देशभर में अलग पहचान रखते हैं। री-भोई, गारो हिल्स, खासी हिल्स और जयंतिया हिल्स में बड़े पैमाने पर होने वाली अनानास की खेती आज हजारों किसान परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार बन चुकी है।
उद्घाटन समारोह की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में फ्लिपकार्ट और नेशनल ई-मार्केट सर्विसेज लिमिटेड (नेएमएल) के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) रहे। इन साझेदारियों से मेघालय के अनानास उत्पादकों को देशभर के संगठित रिटेल नेटवर्क, डिजिटल मार्केटप्लेस और संस्थागत खरीदारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, “मेघालय देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सचमुच एक हीरा और एक पन्ना है। मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में राज्य ने जिस तरह किसानों को केंद्र में रखकर विकास का मॉडल तैयार किया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। मेघालय के अनानास की मिठास, उसकी सुगंध, कम अम्लता और उच्च ब्रिक्स गुणवत्ता ने उसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रीमियम बाजारों तक पहुंचा दिया है। सीएम फार्म+, एमएलएएमपी और मेघालय स्टेट ऑर्गेनिक मिशन जैसी पहलें किसानों को मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार से जोड़ रही हैं। मेघालय के पास दुनिया को देने के लिए अनानास और लकाडोंग हल्दी जैसे अनेक अनमोल रत्न हैं, और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में राज्य अपनी संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और कृषि उत्पादों के दम पर वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा।”
मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा ने कहा, “हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है—हम जो भी साझेदारी करें और जिस भी नए बाजार तक पहुंचें, उसका सीधा लाभ मेघालय के किसानों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को मिले। पिछले चार वर्षों में मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल केवल एक फल का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह हमारे किसानों, उद्यमियों, कलाकारों, संगीतकारों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश के सामने प्रस्तुत करने वाला मंच बन गया है। आज पूर्वोत्तर भारत देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और हमारा प्रयास है कि इस विकास का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे।”
हाल के वर्षों में मेघालय के अनानास को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति को अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मेघालय का अनानास भेंट कर राज्य की कृषि विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।
मेघालय सरकार की एकीकृत कृषि मूल्य श्रृंखला (इंटीग्रेटेड वैल्यू-चेन) रणनीति के तहत राज्य ने उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, भंडारण और विपणन तक मजबूत व्यवस्था विकसित की है। इसी का परिणाम है कि मेघालय राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एमएसएएमबी) के प्रयासों से अब तक 100 मीट्रिक टन से अधिक अनानास देश और विदेश के संगठित बाजारों तक पहुंच चुका है। जून 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने दुबई स्थित लुलु रिटेल के लिए मेघालय के अनानास की 2 मीट्रिक टन खेप को रवाना किया था, जिसने राज्य के निर्यात अभियान को नई गति दी।
राज्य में 40 प्राइम हब, 650 से अधिक प्रसंस्करण एवं भंडारण सुविधाएं और सामुदायिक-सरकारी-निजी भागीदारी (सीपीपीपी) मॉडल के माध्यम से किसानों को मूल्य संवर्धन का लाभ मिल रहा है। री-भोई जिले का जिरांग ऑर्गेनिक एग्रो एफपीसी, जिसमें 18 गांवों के 433 किसान जुड़े हैं और जिनमें लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं हैं, आज लुलु ग्रुप, रिलायंस रिटेल, सफ़ल-मदर डेयरी और ब्लिंकिट जैसे बड़े खरीदारों से सीधे जुड़ चुका है। वर्ष 2017-21 के दौरान जहां इस एफपीसी का कारोबार मात्र 1.5 लाख रुपये था, वहीं वर्ष 2025 तक यह बढ़कर 1.17 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
मूल्य संवर्धन ने किसानों की आय में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। जहां ताजा अनानास संगठित बाजारों में लगभग 22 रुपये प्रति किलोग्राम बिकता है, वहीं फ्रीज-ड्राइड और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों की कीमत 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच रही है। यानी मूल्य में लगभग 70 गुना तक वृद्धि हुई है, जिससे जुड़े किसानों की आय में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
महोत्सव में आगंतुकों को मेघालय के ताजा अनानास, विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों, किसानों से सीधे संवाद, व्यावसायिक बैठकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनुभव मिल रहा है। मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोग्राम (एमजीएमपी) के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से लोगों को रूबरू करा रहे हैं।
चौथा मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल 12 जुलाई तक दिल्ली हाट में चलेगा, जहां देशभर के उपभोक्ता, कारोबारी, रिटेल कंपनियां और निर्यातक मेघालय के उत्कृष्ट अनानास का स्वाद लेने के साथ-साथ उन किसानों और उद्यमियों से भी सीधे जुड़ सकेंगे, जिन्होंने इस सफलता की कहानी लिखी है।


